रिश्वत मामला : डीआईजी भुल्लर और सह आरोपी के खिलाफ आरोप तय, चलेगा ट्रायल -आरोप मुक्त की अर्जी खारिज

1000258940

Bribery Case: Charges framed against DIG Bhullar

चंडीगढ़। Bribery Case: पंजाब पुलिस के निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर और कथित बिचौलिए कृष्णु शारदा को आठ लाख रुपये के रिश्वत मामले में राहत नहीं मिली है। सीबीआई की विशेष अदालत ने दोनों की आरोपमुक्त (डिस्चार्ज) करने की अर्जी खारिज करते हुए उनके खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। इसके साथ ही अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए 23 जुलाई की तारीख निर्धारित की है।

अदालत ने अगली सुनवाई के लिए अभियोजन पक्ष के दो गवाहों को भी समन जारी किए हैं। अब इस मामले में नियमित ट्रायल की प्रक्रिया शुरू होगी।

सीबीआई के अधिकार क्षेत्र पर उठाए गए थे सवाल

डिस्चार्ज याचिका में हरचरण सिंह भुल्लर की ओर से दलील दी गई थी कि वह पंजाब सरकार के अधीन कार्यरत राज्य कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। ऐसे में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का अधिकार सीबीआई के पास नहीं था।

बचाव पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि राज्य कैडर के अधिकारियों के मामलों में सीबीआई सीधे कार्रवाई नहीं कर सकती। इस संबंध में मद्रास हाई कोर्ट के एक फैसले का हवाला भी अदालत के समक्ष रखा गया। हालांकि विशेष अदालत ने इन सभी दलीलों को स्वीकार नहीं किया और याचिका खारिज कर दी। दूसरी ओर, सीबीआई ने आरोपमुक्त करने की मांग का विरोध किया था।

पिछले वर्ष हुई थी गिरफ्तारी

सीबीआई ने हरचरण सिंह भुल्लर और कृष्णु शारदा को 16 अक्टूबर 2025 को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद से दोनों न्यायिक हिरासत में हैं। इस दौरान नियमित जमानत के लिए दाखिल उनकी याचिकाएं भी अदालतों द्वारा खारिज की जा चुकी हैं।

व्यापारी की शिकायत पर दर्ज हुआ था मामला

यह मामला मंडी गोबिंदगढ़ के व्यापारी आकाश बत्ता की शिकायत के बाद सामने आया था। शिकायतकर्ता का आरोप था कि उन्हें एक आपराधिक मामले में गिरफ्तारी का भय दिखाकर आठ लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई थी।

सीबीआई ने शिकायत की जांच के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया और मामले में भ्रष्टाचार से जुड़े आरोप दर्ज किए।

छापेमारी में नकदी और सोना हुआ था बरामद

गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने हरचरण सिंह भुल्लर के चंडीगढ़ स्थित सेक्टर-40 आवास पर छापेमारी की थी। जांच एजेंसी के अनुसार वहां से करीब 7.5 करोड़ रुपये नकद, लगभग ढाई किलोग्राम सोना और कई महंगी घड़ियां बरामद हुई थीं।

इन बरामदगी के आधार पर सीबीआई ने उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का अलग मामला भी दर्ज किया था।

ईडी भी कर रही है मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच

रिश्वत और कथित अवैध संपत्ति से जुड़े मामले के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी हरचरण सिंह भुल्लर के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की जांच शुरू की है। फिलहाल दोनों मामलों की जांच अलग-अलग एजेंसियों द्वारा जारी है।